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    परिचय

    प्रकाशित तिथि : फ़रवरी 21, 2026

    छत्तीसगढ़ राज्य का गठन दिनांक 01.11.2000 से मध्यप्रदेश राज्य के पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के अंतर्गत किया गया। राज्य गठन के पश्चात सुव्यवस्थित एवं विकेन्द्रित प्रशासन सुनिश्चित करने हेतु पृथक राजस्व एवं प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की गई। राज्य में राजस्व मामलों के पर्यवेक्षण एवं न्यायिक नियंत्रण हेतु छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल , जिसका मुख्यालय बिलासपुर में स्थित है, को प्रभावी रूप से कार्यरत किया गया।

    छत्तीसगढ़ राज्य के गठन से पूर्व वर्तमान छत्तीसगढ़ का क्षेत्र मध्यप्रदेश राज्य के अंतर्गत संभागीय आयुक्तों एवं जिला कलेक्टरों के माध्यम से प्रशासित किया जाता था। राज्य गठन के पश्चात यह अनुभव किया गया कि जिला प्रशासन पर प्रभावी नियंत्रण, स्थानीय समस्याओं के त्वरित निराकरण तथा शासन की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संभागीय आयुक्तों (राजस्व संभाग आयुक्त) की भूमिका अत्यंत आवश्यक है। फलस्वरूप राज्य शासन द्वारा राजस्व संभागों की व्यवस्था को बनाए रखते हुए उन्हें और अधिक सुदृढ़ किया गया।

    राज्य में राजस्व संभागों की यह व्यवस्था प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण, जिलों के मध्य समन्वय तथा जनसेवाओं की प्रभावी आपूर्ति के उद्देश्य से लागू की गई है। प्रत्येक राजस्व संभाग अपने अधिकार क्षेत्र के जिलों के प्रशासनिक एवं राजस्व कार्यों की निगरानी संभागीय आयुक्त के माध्यम से करता है, जो राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के मध्य एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है।

    सरगुजा राजस्व संभाग

    ,जिसका मुख्यालय अंबिकापुर में स्थित है, राज्य का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक संभाग है। ऐतिहासिक रूप से सरगुजा क्षेत्र में पूर्व रियासती क्षेत्र तथा ब्रिटिश शासन के अधीन रहे भू-भाग सम्मिलित थे, जिन्हें स्वतंत्रता के पश्चात मध्यप्रदेश राज्य में तथा बाद में छत्तीसगढ़ राज्य में सम्मिलित किया गया।

    छत्तीसगढ़ राज्य के गठन (वर्ष 2000) के पश्चात सरगुजा राजस्व संभाग उत्तर छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रशासनिक इकाई के रूप में निरंतर कार्यरत है। शासन की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से समय-समय पर जिलों का पुनर्गठन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरगुजा संभाग के अंतर्गत नवीन जिलों का गठन हुआ।

    वर्तमान में सरगुजा राजस्व संभाग के अंतर्गत सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले सम्मिलित हैं। सरगुजा संभाग के संभागीय आयुक्त अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत जिला प्रशासन, राजस्व प्रबंधन, कानून-व्यवस्था समन्वय तथा विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी करते हैं।